गंगोत्री से ऊपर स्थित तीर्थों की तीर्थ यात्रा
हरिद्वार के लगभग 200 km उत्तरकाशी है और उत्तर काशी से लगभग 100 km पर गंगोत्री तीर्थ है। यहां तक कि तीर्थ यात्रा वाहन से की जाती है। गंगोत्री के ऊपर स्थित कठिन चढ़ाई वाले तीर्थ निम्न हैं..
<> गंगोत्री से 15- 18 km पर भोजवासा है जहां रात्रि विश्राम किया जाता है ⛺⛺। यहां से निम्न दो तीर्थ यात्राएं होती हैं।
1- गौमुख , तपोवन , नंदनवन और वासुकी ताल । यह यात्रा लगभग 16-20 km की पैदल 👣 यात्रा है जिसमें तपोवन विश्राम ⛺⛺ किया जाता है। तपोवन से शिवलिंग पर्वत का दर्शन होता है। शिवलिंग पर्वत से आकाश गंगा ( शिव गंगा ) निकलती हैं जो गौमुख ग्लेशियर में लुप्त हो कर भागीरथी से मिलती हैं।
2- भोजवासा से दूसरी अति कठिन लगभग 11- 14 km केदार ताल की तीर्थ यात्रा है। इस यात्रा में केदार खड़क ⛺ विश्राम किया जाता है।केदार ताल से केदार गंगा निकलती हैं जो गंगोत्री के करीब भागीरथी में लीन होती हैं।
जब मां गंगा बुलाएं तनिक भी सोचना नहीं , निकल लेना , इस यात्रा पर । यह यात्रा आपको शिव ऊर्जा में डुबो लेगी और आप वह नहीं रह पाएंगे जो यात्रा प्रारंभ से पहले थे। ध्यान रहे , यह यात्रा किसी भोग कामना की पूर्ति का माध्यम नहीं , पूर्ण वैराग्य की यात्रा है ।
~~ हर हर महादेव ~~
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