वातावरण का तापमान बढ़ रहा है , और मनुष्य का तापमान घट रहा है!
पूरे संसार के वैज्ञानिकों , पर्यावरण विशेषज्ञों एवं बुद्धि जीवियों द्वारा पिछले कई वर्षों से वातावण के बढ़ते तापमान पर गहरी चिंता प्रकट की जा रही है। इस बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के नाना प्रकार के उपाय भी किए जा रहे हैं जैसे वातावरण में कार्बन की मात्रा को नियंत्रित करना आदि।
वैज्ञानिक शोध बता रहे हैं कि पिछले 150 वर्षों में मानव के शरीर का तापक्रम 37°C से घट कर 36.4°C हो गया है ! इस क्रमशः घट रहे मानव देह के तापमान की चर्चा क्यों नहीं हो रही ? क्या आप इस तापमान बदलाव को मामूली बदलाव के रूप में देख रहे हैं? यदि यह बदलाव यूंही होता रहा तो हजारों साल बाद का मानव किसी अन्य जीव में रूपांतरित हो जा सकता है ।
आज मानव देह के जिस 37°C तापमानको हम "सामान्य" मानते हैं, वह 1851 में जर्मन डॉक्टर कार्ल वुंडरलिच के अध्ययन पर आधारित है। उन्होंने लगभग 25,000 मरीजों के बगल में थर्मामीटर रखकर (axillary) तापमान मापा था।
मनुष्य के तापमान में गिरावट के प्रमाण
1- स्टैनफोर्ड अध्ययन (2020)
1860 से 2017 तक के लगभग 6.77 लाख लोगों के डेटा के विश्लेषण में पाया गया कि पुरुषों का तापमान 0.59°C और महिलाओं का 0.32°C गिरा है। औसत तापमान अब लगभग 36.4°C है।
2- ब्रिटेन का अध्ययन (2017)
35,000 से अधिक मरीजों के 2.5 लाख मापों में औसत तापमान 36.6°C पाया गया।
शोधकर्ताओं के अनुसार, तापमान प्रति दशक लगभग 0.03°C की दर से लगातार गिर रहा है।
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