* दूसरोंके घरके दरवाजोंमें वे झाँकनेका प्रयत्न करते रहते हैं , जिनके लिए उनके अपनें घरका दरवाजा बंद हो गया होता है ।
* अपनीं गन्दगी छिपानेंके चक्करमें हम दूसरों को गंदा बनानें में कोई कसर नहीं छोड़ते।
* किसी की हिम्मत नहीं जो मेरे सामनें मेरी बुराईकी किताब खोल सके लेकिन जो खोलनें में समर्थ दिखते हैं , उनसे हम दूरी बनाकर रहते हैं ।
* सच्चाई को कहना बहुत आसान है लेकिन सुनना बहुत कठिन ।
* प्रकृति की तरफसे सबको सरल जीवन मिला हुआ है लेकिन मनुष्य सरल जीवन जीनें का आदी नहीं । ~~~ ॐ ~~~
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Wednesday, May 13, 2015
कतरन - 13
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