Sunday, June 12, 2022

पतंजलि साधनपाद : 2 समाधिभाव और क्लेष

पतंजलि समाधि पाद का समापन समाधि की खुशबू से हुआ था । अब साधन पाद में समाधि में शरणागत होने की विधियों के सम्बंध में बताया जाएगा । पहले क्रियायोग के तीन अंगों , तप , स्वाध्याय और ईश्वरप्रणिधान के सम्बन्ध में देखा गया और आज सूत्र - 2 में देख रहे हैं कि चित्त में समाधि भाव की लहरें जब उठाने लगती हैं तब क्लेष ( दुःख के हेतु ) तनु अवस्था में आ जाते हैं

Monday, June 6, 2022

पतंजलि समाधि पाद में निर्विचार समापत्ति सिद्धि से प्रज्ञा आलोकित होती है

अब अगले अंक में समाधि पाद का समापन देखें । चित्त वृत्ति निरोध से सम्प्रज्ञात समाधि तक का परिचय अभीं तक हो चुका है अब अगले अंक में असम्प्रज्ञात समाधि से परिचय होना है । // ॐ //

Wednesday, June 1, 2022

पतंजलि समाधिपाद : इस संसार में चार प्रकार के लोग हैं

महर्षि पतंजलि बता रहे हैं कि किस ब्यक्ति के साथ किस भाव से जुड़ना चाहिए ⬇️
अगले अंक में 09 चित्त एकाग्रता में से 07 को देखा जा सकता है क्योंकि प्रारंभिक दो को पहले देखा जा चुका है ।

Tuesday, May 31, 2022

पतंजलि समाधि पाद 14 योग बाधाएँ एकाग्रता सिद्धि से दूर होती हैं

यहाँ 14 प्रकार की योग मार्ग में आनेवाली बाधाओं को देखेंगे और एकाग्रता क्या है ? इस बिषय पर पतंजलि योग सूत्र में खोजेंगे ।

पतंजलि समाधि पाद के ईश्वर सम्बंधित सात सूत्र

Monday, May 30, 2022

पतंजलि योग दर्शन में ईश्वर क्या हैं ? भाग - 2

महर्षि पतंजलि योग दर्शन में ईश्वर क्या हैं ? भाग - 1

पतंजलि योग दर्शन सांख्य दर्शन का पूरक दर्शन है । सांख्य में ईश्वर शब्द नहीं है लेकिन पतंजलि ईश्वर को परम पुरुष के रूप में देखते हैं । यहाँ इस भाग में दो स्लाइड्स दी जा रही हैं जो पतंजलि योग सुत्रों में वर्णित ईश्वर को स्पष्ट करती हैं और गीता के भी कुछ प्रसंगों को स्पष्ट करती हैं ।

Friday, May 27, 2022

पतंजलि योग समाधि पाद सूत्र : 17 - 19

अभ्यास - वैराग्य सिद्धि का फल , सम्प्रज्ञात समाधि है