Friday, July 1, 2022
पतंजलि विभूतिपाद - 18 : अपने पिछले जन्मों के बारे में जानने की सिद्धि
आप अपने पिछले जन्मों के बारे में अपनी स्मृति को लौटाने चाहते हैं तब इस ध्यानयोग को करें लेकिन यह करना आपको पागल भी बना सकता है । यदि आपको यह यकीन हो जाय कि आप अपने पिता जे पिछले जन्म में क़ातिल थे , टी आप के ऊपर कैसी बीतेगी ? बिना किसी सुयोग्य गुरु की उपस्थिति , स्वयं यह ध्यानयोग न करें ।
महाबीर और बुद्ध इस योग को कराया करते थे जिससे साधक ओणें पिछले जन्मों के मल को भी घो सकें ।
Thursday, June 30, 2022
पतंजलि विभूति पाद सूत्र : 16 किसी के भूत बर्तमान और भविष्य का कैसे जाने
पतंजलि विभूति पाड में 46 सिद्धियों को प्राप्त करने की विधियों को बताते हैं । उनमें से आज देखिये पहली विधि जिसमें महर्षि बता रहे हैं कि किसी के भूत वर्तमान और भविष्य को कैसे जाना जा सकता है ⬇️
Wednesday, June 29, 2022
Tuesday, June 28, 2022
Saturday, June 25, 2022
Friday, June 24, 2022
Wednesday, June 22, 2022
Tuesday, June 21, 2022
पतंजलि योग सूत्र में आसन क्या है ?
महर्षि पतंजलि योग की भौतिक बुनियाद आसन है । आसान से पतंजलि योगाभ्यास का दूसरा चरण प्रारम्भ होता है जो 04 प्राणायामों ,पहुँचाता है ।
अब आसन सम्बंधित साधन पाद के सूत्रों को समझते हैं ⬇️
Sunday, June 19, 2022
पतंजलि अष्टांगयोग का दूसरा अंग नियम
पिछले अंक में अष्टांगयोग के पहले अंग यम के 05 तत्त्वों को देखा गया जिनका जीवन भर अभ्यास करना होता है । अब अष्टांगयोग के दूसरे अंग नियम के 05 तत्त्वों को देखने जा रहे हैं जीको जीवत्न भर पालन करना है । नियम के बाद तीसरा अंग होगा आसनऔर प्राणायाम जिनको आगे आने वाले अंकों में देखा जा सकता है ।
Saturday, June 18, 2022
Friday, June 17, 2022
Thursday, June 16, 2022
पतंजलि साधन पाद समाधि भाव , गुणातीत और कृतार्थ सम्बन्ध
यहाँ दो स्लाइड्स दी जा रही हैं जिनमें पहली स्लॉइड में साधन पाद के बिषयों को दर्शाया गया है और दूसरी स्लॉइड में सूत्र : 2,22 , 26 और 27 के भावार्थ माध्यम से समाधि , गुणातीत और कृतार्थ के सम्बन्ध को दिखाया गया है ।
पतंजलि योग के 04 पादों में 195 सूत्र गणित के सूत्र जैसे हैं , सब एक दूसरे के पूरक हैं , एक सूत्र की अस्पष्टिता आगे के सूत्रों को समझने में कठिनाई पैदा करती है अतः हर सूत्र को समझना अनिवार्य है ।
अभी तक समाधि पाद और साधन पाद के सूत्रों से समाधि के प्रति जिज्ञासा का भाव तो पैदा होता है लेकिन समाधि मिले कैसे ? इस प्रश्न के सम्बन्ध में ऋषि चुप से हैं । अब आगे के साधन पाद के सुत्रों में अष्टांगयोग साधना में प्रवेश करना है जहाँ से समाधि की खुशबू मिलने वाली है । अभीं अष्टांगयोग से पूर्व की स्थिति को देखते हैं ⬇️
Wednesday, June 15, 2022
पतंजलि साधनपाद में द्रष्टा - दृश्य रहस्य
पतंजलि साधन पाड़ में कुल 55 सूत्र हैं । इन सुत्रों को क्रियायोग , क्लेष , दुःख , द्रष्टा - दृश्य , कृतार्थ - समाधि और अष्टांगयोग के पांच अंगों में विभक्त करके हम यहाँ अध्ययन कर रहे हैं । आज हम द्रष्टा ( पुरुष ) और दृश्य ( प्रकृति ) के संबंध में देखने जा रहे हैं । हमारा अगला सोपान कृतार्थ - समाधि भाव होगा जबकि समाधि भाव को पहले भी देखा जा चूका है लेकिन कृतार्थ के साथ इसे पुनः देखना कृतार्थ को और अधिक स्पष्ट रूप में समझना संभव होगा ⬇️
Tuesday, June 14, 2022
सांख्य और पतंजलि योग सूत्र में दुःख
भारतीय दर्शनों का आधार दुःख है । सांख्य , पतंजलि , वेदांत , मीमांसा , वैशेषिका , जैन , बौद्ध आदि सभीं दर्शन अपने - अपने दुख से मुक्त होने के मार्गों का निर्माण करते हैं ।
सांख्य दर्शन और पतंजलि योग दर्शन दोनों एक दूसरे पर आधारित दर्शन हैं । सांख्य प्राचीनतम भारतीय दर्शन है और पतंजलि सांख्य का पूरक दर्शन के रूप मे बाद में सांख्य के आधार और विकसित किया गया हूं ।
आइये ! 05 सूत्र पतंजलि योगसूत्र जे और प्रारंभिक 02 कारिकाएँ सांख्य दर्शन की देखते हैं जो दुःख से सम्बंधित हैं
Monday, June 13, 2022
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