Saturday, August 27, 2022
Friday, August 26, 2022
पतंजलि कैवल्य पाद सूत्र : 33 > किसी वस्तु के सम्बन्ध में कैसा जाना जा सकता है
यहाँ महर्षि कहते हैं , जिस के बारे में जानना हो , उसकी संगति करो । उस के जीवन के हर पल को देखो और समझो । इस प्रकार कुछ समय बाद आप उस के संबंध में ठीक - ठीक ज्ञान अर्जित कर सकते हो । अब सूत्र को समझते हैं ⬇️
Monday, August 22, 2022
Saturday, August 20, 2022
Wednesday, August 17, 2022
पतंजलि कैवल्य पाद सूत्र : 27 - 30 > जब समाधि टूटती है जब क्या होता है !
अब हम पतंजलियोग सूत्र दर्शन के 195 सूत्रों की श्रृंखला के अंतिम सोपान पर हैं । कैवल्य पाद के 34 सुत्रीं में से आज हम 30 वें सूत्र तक की यात्रा पूरी करने जा रहे हैं ।
परमहंस गुरुदेव रांमकृष्ण जी की जब समाधि टूटती थी तो वे रोने लगते थे और माँ काली के सामने घुठने टेके बुदबुदाया करते थे कि माँ आप यह क्या कर दिए । मुझे वहीँ रहने देते , मैं वहीँ थीक था । परमहंस जी की इस बात को लोग समझ नहीं पा। रहे थे । लेकिन उनकी ऐसी स्थिति क्यों होती थी ? प्रश्न का उत्तर पतंजलि यहाँ दे रहे है। योगिराज पतंजलि कह रहे हैं , " जब समाधि टूटती है तब विवेक की धरा टूटती है और ऐसी स्थिति में संस्कारों की वृत्तियॉ सक्रिय हो उठती हैं , फल स्वरुप साधक पुनः चित्ताधारित हो जाता है । अब सुत्रों को देखें
Monday, August 15, 2022
Saturday, August 13, 2022
Friday, August 12, 2022
Thursday, August 11, 2022
कैवल्य पाद सूत्र - 19 > एक समय चित्त एक ही बिषय को पकड़ता है
पतंजलि का यह सूत्र ऐसा है जो उस सत्य को दिखा रहा है जो हमते जीवन के हर पल में घटित होता रहता है लेकिन हम इससे अनभिज्ञ बने रहते हैं । ध्यान से दो पल के लिए अपनें मन में चल रहे विचारों को देखने का यत्न करे । आप देखेंगे कि मन एक समय में एक ही बिषय पर मनन करता है और जब वह बिषय लुप्त हो जाता है तब दूसरा बिषय प्रकट हो जाता है और यह
यह प्रक्रिया योंही चलती रहती हैं । मन एक समय में दो बिषयों पर मनन नहीं करता और पतंजलि इसी बात को कैवल्य पाद सूत्र - 19 में बता रहे हैं । अब आइये देखते हैं इस सूत्र को
Wednesday, August 10, 2022
कैवल्य पाद सूत्र : 15 - 18 > पुरुष , चित्त और संसार सम्बन्ध
यहाँ 03 स्लाइड्स में सांख्य सिद्धांतों को महर्षि पतंजलि स्पष्ट कर रहे हैं -
1- चित्त और पुरुष सम्बन्ध और उनके गुण
2 - संसार और संसार की वस्तुएं किसी एक चित्ताधीन नहीं
3 - संसार को चीत्त केंद्रित पुरुष चित्त पर बन रहे संसार के प्रतिविम्व के माध्यम से समझता है । अब स्लाइड्स देखे
Monday, August 8, 2022
Sunday, August 7, 2022
Saturday, August 6, 2022
Thursday, August 4, 2022
Wednesday, August 3, 2022
पतंजलि कैवल्य पाद सूत्र - 1 : सिद्धियां प्राप्त करने के 05 श्रोत
यहाँ पतंजलि बता रहे हैं , सीढियाँ कैसे मिलती हैं ? विभूति पाद में 46 प्रकार की सिद्धियों के सम्बन्ध में बताये हैं और यह भी बताये कि संयम सिद्धि से सिद्धियाँ मिलती हैं । महर्षि यहाँ कह रहे हैं - जन्म , औषधि , मन्त्र , तप और समाधि सिद्धि से सिद्धियां मिलती हैं । आइये इस संबंध में कैवल्य पाद सूत्र - 01 को समझते हैं ⬇️
Tuesday, August 2, 2022
पतंजलि कैवल्य पाद में क्या है ?
ध्यान रखना होगा कि जबतक पिछले पादों का पूरा ज्ञान नहीं होगा तबतक कैवल्य पाद के 34 सूत्रों को समझना संभव नहीं ।
धर्म भी त्रिगुणी और समयधीन है , यह मैं नहीं कैवल्य पाद कह रहा है ! धर्म वह नहीं जिसे आप - हम समझते हैं अपित धर्म वह जो हमें चलाता है ।
योग कुछ स्थूल वस्तुओं के प्राप्ति का साधन नहीं , अपितु भोग और भोग बिषयों जे प्रति वितृष्णा का भाव अंतःकरण ने संचालित करने का मार्ग है । अब देखिये , कैवल्य पाद के बिषयों को ।
Monday, August 1, 2022
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