Wednesday, August 24, 2011

कितनें लंबे और कितनें छोटे


मनुष्य के हाँथ कित्तानें लंबे हैं और कितनें छोटे?


जेनेवा के पास भूमिगत एक टनेल का निर्माण हुआ/विश्व के सभीं अग्रणी देशों के वैग ्रानिकों का दिमाक और असीमीत धन के साथ प्रयोग प्रारंभ हुआ/आज के वैज्ञानिक स्वकल्पित बिग बैंग सिद्धांत के ऊपर खूब सोच रहे हैं/बिग बैंग सिद्धांत की बुनियाद इस बात पर आधारित है ….....

आज से लगभग14 billionसाल पहले कहीं किसी विशेष परिस्थिति में लगभग100 million light yearsक्षेत्रफल का एकhydrogen atomबना और उसमें विस्फोट हुआ,जिसके फल स्वरुप उस विस्फोट के टुकड़ों में से एक अति सूक्ष्म कण[एक प्रोटोन से भी छोटे कण]से ब्रह्माण्ड की रचना हुई और

उच्च तापक्रम एवं दबाब में कुछ ऐसा हुआ जिसके फल स्वरुप जीव पैदा करनें का कण भी बना/

इस प्रोजेक्ट पर अभीं तक इतना धन लग चुका है कि यदि इस धन को जन कल्याण कामों में लगाया जाता तो सम्पूर्ण जगत से गरीबी दूर हो सकती थी/


अब वैज्ञानिक यः कह रहे हैं कि इस प्रयोग से उन परिस्थितियों तक पहुँचना कठिन हो त=रहा है जिन परिस्थितियों में जीव – कण का निर्माण हुआ होगा/यः शोध जो चल रहा है उसका आधार है

quantum mechanics /क्वांटम विज्ञान की बुनियाद मैक्स प्लैंक के आविष्कार से पडी और मैक्स प्लैंक का कहना है …....

वैज्ञानिक शोध में जब कुछ दूरी तय कर लेता है तब समझता है की अब सीमा ज्यादा दूर नहीं,लेकिन जब अपनी वर्त्तमान स्थिति को देखता है तब उसे यह मह्शूश होता है कि वह तो पहले से भी दो कदम पीछे सरक चुका है/


विज्ञान का जेनेवा में चल रहा शोध मात्र परमात्मा रहित जीव पैदा करनें की ओर रखा एक कदम है लेकिन दुनिया का जब इतना अधिक धन लगा कर मात्र इतना सिद्ध करना कि परमात्मा नहीं है,कितनी बुद्धिमानी है?इस बात पर आप सोचना//



हमारी सोच तो इतनी लंबी है लेकिन हमें इतना भी पता नहीं कि हम अगली श्वास भी ले पायेंगे या नहीं/

मनुष्य के सोच की लम्बाई इतनी बड़ी है कि वह सोच में पैदा होता है और सोच में ही कहीं एक दिन चला जाता है वह भी बेहोशी में/हमारी नज़र दूसरों पर इतनी गहरी बैठ चुकी है कि स्वयं पर लौट कर् आती ही नहीं और हम तनहाई का जीवन जीते हुए तनहाई में सफर कर जाते हैं//

=====ओम=====




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