Thursday, July 26, 2012

जीवन दर्शन - 55

  • क्रोध एवं मोह दोनों में देह में कंपन होता है
  • क्रोध के कंपन की आबृति मोह के कंपन की आबृति से अधिक होती है
  • क्रोध का केंद्र मुह में जबड़ों में होता है
  • मोह का केन्द्र है नाभि
  • मोह जोडनें की उर्जा रखता है
  • क्रोध में तोड़ने की उर्जा होती है
  • कामना , क्रोध में धनात्मक अहँकार होता है
  • मोह में नकारात्मक अहँकार होता है
  • मोह एक प्रकार की कामना ही है लेकिन इसका केंद्र है तामस गुण
  • कामना काम ऊर्जा का रूपांतरण है और इसका केंद्र है राजस गुण
===== ओम् ======

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