Thursday, April 18, 2013

ज़रा रुकना ....


  • कौन सुनता है मंदिर के घंटों की आवाज को ?
  • कौन सुनता है मस्जिद के मीनारों से आ रही आयतों को ?
  • कौन सुनता है गुरुद्वारे से आ रही गुरुबानी को ?
  • कौन सुनता है वेद मन्त्रों को ?
  • कौन सुनता है गायत्री छंद को ?
  • कौन सुनता है माँ के आशीर्वाद को ?
  • कौन सुनता है जबानें की आवाज को ?
  • कौन सुनता है गोदी के बच्चे की किलकारी को ?
  • कौन सुनता है भूख की कराह को ?
  • कौन सुनता है सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में गूँज रही ॐ की धुन को ?
  • कौन सुनता है अपनें किये गए कुकर्मों की पुकार को ?


ज्यादा नहीं बश एक घडी अकेले में ...
अमृत बेला में ...
आँखों को बंद करके ....
ज़रा अपनें सीनें की धडकनों के संगीत को सुनना ...
जहाँ ...
और 
जिसमें ...
आपको सभीं प्रश्नों के उत्तर मिल जायेंगे 

==== ओम् ====

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