Tuesday, April 9, 2013

कौन और कबतक ......


  • कौन मेरा है ?
  • कौन तेरा है ?
  • जो मेरा है , कबतक मेरा रहेगा ?
  • जो तेरा है , वह कबतक तेरा रहेगा ?
  • जो मेरा है ,क्या  वह तेरा नहीं ?
  • जो तेरा है , क्या  वह मेरा नहीं ?
  • जो मेरा है , क्या  वह तेरा नहीं हो सकता ?
  • जो तेरा है , क्या वह मेरा नहीं हो सकता ?
  • मेरा की कितनीं लम्बाई है ?
  • तेरा की लम्बाई क्या है ?
  • क्या मेरा और तेरा समाप्त नहीं हो सकते ?
  • जब मेरा और तेरा समाप्त होते हैं तब क्या होता है ?

इतनें सारे प्रश्नों में उलझनें के बाद बुद्धि जहाँ रूकती है , उसका नाम है -----
कन्हैया 
और जो इस दशा में होता है ,
 वह गाता है ----
करते हो तुम कन्हैया , मेरा नाम हो रहा है 
पतवार के विना मेरी नाव चल रही है 

अब्यय , निर्विकार , एक अक्षर , एक ओंकार , अप्रमेय , जो चाहे वह कह लो ---
लेकिन वह निर्विकार चित्त निर्विकार बुद्धि का बासी जरुर है 

==== ओम् ======

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