Sunday, May 8, 2011

जरा सोचना --------

ऐसा क्यों हुआ ?

ईशा बाद पहली शताब्दी में यूनान से एक खोजी भारत आए और वापिस जा कर उन्होंनें भारत के सम्बन्ध में यह बात लिखी .................
In India I found a race of mortals living upon the earth , but not adhering
to it.........possessing everything but possessed by nothing .
Apolloneous Tyanaeus.
यह समय था महाबीर एवं बुद्ध के प्रभाव का ; महाबीर यूनान के थेल्स से लगभग 25 वर्ष छोटे थे और बुद्ध
जब शरीर छोड़ा तब सुकरात 16-17 वर्ष के थे ।
पश्चिम में थेल्स से अरिसटोटल [from Thales to Aristotle ] तक जो विचारधारा बही उस से
आधुनिक विज्ञान का जन्म हुआ लेकिन भारत में महाबीर - बुद्ध के बाद ऐसा हो न पाया , जबकि बुद्ध , महाबीर , थेल्स और
सुकरात के दर्शनों में कोई मौलि संघर्ष क अंतर न था /
पश्चिम में दर्शन के गर्भ से विज्ञान की उत्पत्ति हुयी घोर संघर्ष के बाद लेकिन भारत में दर्शन को कहानियों में धालानें का काम शुरू हो गया और भारतीय दार्शनिक अपनें - अपनें तर्क की क्षमता को विज्ञान का रूप न दे सके /
गैलीलियो का बक्तब्य , पृथ्वी सूर्य के चारों तरफ चक्कर काटती रहती है , धर्म गुरुओं की नीद हराम कर दी ;
गैलीलियो को क्या - क्या नहीं सहना पड़ा लेकिन वे अपनीं बात पर अड़े रहे , उनकी बात बाइबिल के
पक्ष मे न थी ,लेकिन तमाम परेशानियों के बाद भी गैलीलियो को कोई हिला न सका और आज का विज्ञान
गलीलियो द्वारा विकशित बीज से तैयार हुआ /
गैलिलियो की मृत्यु [ सन 1642 में हुयी ] और न्यूटन जन्म का वर्ष एक है । सन 1879 में मैक्सवेल की मृत्यु हुई और
आइंस्टाइन का जन्म हुआ , जो काम मैक्सवेल कर रहे थे उसी काम को आगे बढ़ाया आइन्स्टाइन नें / जो काम
गैलीलियो का था वही काम था न्यूटन का और इस प्रकार पश्चिम में विज्ञान की धारा बह निकली
लेकिन भारत में बुद्ध – महाबीर के बाद विज्ञान की धारा न बह सकी , जबकि बहनें को तैयार ही थी /

Max Planck, Erwin Schrodinger, Prof. Einstein सभी नोबल पुरस्कार प्राप्त वैज्ञानिक गीता तथा
उपनिषद् प्रेमी थे , ये सभीं वैज्ञानिक गीता - उपनिषद से विज्ञान निकाला लेकिन भारत में ऐसा न हो
सका , क्यों की भारत पह्चिम की ओर देखनें का अभ्यासी हो गया और सूर्य पूर्व में निकलता है / भारत में जब घर-घर में तुलसी के रामायण को ढोल बजा - बजा कर गाया जा रहा था तब केप्लर ,
टैको ब्राह्मे तथा गैलिलियो आकाश में तारों को देख कर गणित की रचना कर रहे थे ।
भारत में 10 CCE के बाद भारत भूमि पर भक्ति की ऎसी ऊर्जा बही कि लोग सब कुछ भूल गए और
बाहरी लुटेरों को एक अच्छा मौक़ा मिला यहाँ आकर लूटनें का /
गजनी से ईस्ट इंडिया कम्पनी तक [ 10 CCE से 1947 AD तक ] भारत लगातार गुलाम बना रहा ।
अंगरेजों के समय कुछ लोग जैसे रमन,
सत्येन्द्र नाथ बोस , रामानुजन तथा जगदीश चन्द्र बोस यहाँ अवतरित तो हुए लेकिन पश्चिम कि तरफ वैज्ञानिक
हवा न चल पायी / सत्येन्द्र नाथ बोसे क्या मामूली वैज्ञानिक थे , Bose - Einstein super condensate theory पिछले सौ साल से विज्ञान में शोध का बिषय बनी हुयी है जिसके प्रमुख करता बोस ही थे /
आखिर ऐसा क्यूँ हुआ ?
==== ॐ ========

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