Monday, February 20, 2012

इसे भी देखो

  • प्रकृति के अनुकूल सभीं जीव अपनें बसेरों का स्थान निश्चित करते हैं लेकिन मनुष्य?

  • एक पेड़ पर अनेक निवास करते हैं और निर्वैर्य भाव से अपनीं-अपी सुरक्षा करते हैं लेकिन मनुष्य?

  • समुद्र हिमालय आ कर गंगा को आमंत्रित नहीं करता,गंगा स्वयं खोजती-खोजती वहाँ पहुंचती है और मनुष्य कब अपनें सागर की तलाश शुरू करता है?

  • समुद्र सम्पूर्ण पृथ्वी की लवणता को धारण करती है और सबको खुश रखती है लेकिन मनुष्य स्वयं की लवणता को भी नहीं धारण करना चाहता , क्यों ?

  • मनुष्य का सारा जीवन खुशियाँ बटोरनें में गुजरता है लेकिन कौन कितना खुश रह पाता है?

  • गर्भाधान , जन्म , जीवन एवं मृत्यु की झलक हर पल प्रकृति दिखाती रहती है लेकिन इनके प्रति हम कितनें जागरूक हैं ?

  • मनुष्य की इंद्रियों की क्षमता अन्य जीवों की इंद्रियों से लगभग तीन गुणा अधिक है लेकिन अन्य जीवों की तुलना में हम उनके एक तीहाई क्षमता ही प्रयोग कर रहे हैं अर्थात धीरे - धीरे मनुष्य के इद्रियों की ग्राह्य शक्ति कम हो रही है , क्यों ?

  • प्रकृति में इतिहास के पन्नें नहीं है जो है वह वर्तमान है और हम इतिहास में उलझे हुए हैं और इस उलझन में हमारा वर्तमान ढलता जा रहा है

  • सभीं की जीवन – यात्रा अनजानें मोड पर लुप्त हो रही हैं और हम उस अनजानें मोड को समझना नहीं चाहते,क्यों?


===== ओम्==============


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