Thursday, November 11, 2010

कौन सोचता होगा ?



कर्मसे कर्म - योग ,
कर्म - योग से ज्ञान
ज्ञान से ज्ञानेश्वर
तक की यात्रा का
नाम
गीता है ॥

भोग से योग
योग से संन्यास
संन्यास में ज्ञान
ज्ञान से नारायण
तक की यात्रा का
नाम गीता है ॥

राग में ध्यान
ध्यान में वैराग्य
वैराग्य में ज्ञान
ज्ञान से ज्ञानेश
तक की यात्रा का
नाम गीता है ॥

===== ॐ ======

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